ओहिना.... किछुओ....
मोन'क आँगन आयल छल
राति अन्हरिया जे देखल त'
हमरो आँखि नोरायल छल
हंसि क' ताकय जखने चन्ना
सगरो छिटकैत छल चानी
हमरा मोन'क कोन-कोन में
वैह इंजोर समायल छल
कानब खनहि, खनहि में ठठ्ठा
रूसब, बौंसब, हंसि बाजब
हम्मर जिनगी'क सभटा रंग में
ओकरे रंग घोरायल छल
गाबय गीत प्रीत कें संग-संग
पातर ठोर आ बोल मधुर
हमरे संग जिनगी जीबय लेल
नैन ओकर सपनायल छल
मोन'क तप्पत मरुथल में ओ
शीत'क शीतल बुन्न बनल
जिनगी'क सगरो रौदी-दाही
ओकरा संग हेरायल छल
काल'क देल घाह पर लागय
ओक्कर नेह'क लेप मधुर
हम्मर हिय कें अकाबोन बीच
ओ अड़हुल फुलायल छल
जानि ने कोन नज़रि लागल जे
सुख सभटा सपने रहि गेल
कोन ग्रहण चन्ना कें चोराओल
केहन अमावस आयल छल
एकटा चन्ना कहियो हमरो
मोन'क आँगन आयल छल
राति अन्हरिया जे देखल त'
हमरो आँखि नोरायल छल
- प्रणव नार्मदेय
०२ दिसंबर, २०१६.
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