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कोनो माई'क रूपा-सोना तों पौती के
कत्तहु बाप'क आँखि'क तारा तों बौआ
कियो हंसि हंसि तोरा तरहत्थी राखल
ककरो बहैत नोर'क बसुधारा तों बौआ
कियो लक्ष्मी कहि धन्न भाग क' पाबैए
ककरो घ'र कें गोबर'क टारा तों बौआ
कियो त' ग'र कें फंदा तोरा बूझि रहल
ककरो ग'र में सोन'क छाड़ा तों बौआ
कियो माथा कें बोझ सदति तोरा क'हय
ककरो जिनगी'क एक सहारा तों बौआ
कियो आंगन'क तुलसी बुझि पूजय तोरा
ककरो घर कें टूटल लतमारा तों बौआ
कियो त' तोरे हिया कें फूल बना राखय
ककरो लेल लोभ'क बंटखारा तों बौआ
कत्तहु चान'क धरती पर तों राज करह
कत्तहु बंदिनी आँगन'क कारा तो बौआ
जं सिया बनि कत्तहु धैरज धयल करह
फेरि दुर्गो बनि क' दैह उतारा तों बौआ
जिनगी में बिनु तोरे रहल कहाँ किछुओ
हमर अकास'क चान-सितारा तों बौआ
- प्रणव नार्मदेय
०५ दिसम्बर, २०१६.
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