ओहिना..... किछुओ....
पिया मोर जाथि
परदेस हो रामा
पिया रे बिदेसिया
कोना क' रहब हम
पिया बिनु सखि हे
जिउते मरब हम
पिया बिनु सखि हे
मोदा मोर धनि त'
कठोर हो रामा
पिया रे बिदेसिया
ओ मोरा रसिया
हुनका कहत के
छथि मनबसिया
कहू से बुझत के
छथि मोरा पिया
बिसराह हो रामा
पिया रे बिदेसिया
अगिला साओन ओ
नहि आओल जे
कोनो सौतिनि संग
ह'म पाओल जे
तजि देब अप्पन
परान हो रामा
पिया परदेसिया
पिया मोर जाथि
परदेस हो रामा
पिया रे बिदेसिया
- प्रणव कान्त झा
१७ जनवरी, २०१६.
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