मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

दिल की बातें - 9

दुनियाँ को जान लेने का ना दावा कर
ख़ुद को ऐ नादां तू जान ले तो समझूँ
जो चाहती कि तुझे, जाने-माने दुनियाँ
ख़ुदी को ख़ुद की पहचान दे तो समझूँ
मान देते सभी को, जो मानते ख़ुद को
ज़रा सी बात जो तू मान ले तो समझूँ
होती है आजकल, जान लेने की बातें
ज़िन्द देते हुए कोई जान दे तो समझूँ
- प्रणव कान्त झा
०८ दिसंबर, २०१५.

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