ओहिना... किछुओ...
साओन-भादब बीतल हे
सखि आओल जाढ़
पिया सं दूर पियासल रे
मोन बिलमल ठाढ़ि
सखि आओल जाढ़
पिया सं दूर पियासल रे
मोन बिलमल ठाढ़ि
ठोर भरि मुस्की छारल रे
दृग भरल अखाढ़
धन सुनलहुं पिय अओता हे
धारल नब पाढ़ि
दृग भरल अखाढ़
धन सुनलहुं पिय अओता हे
धारल नब पाढ़ि
- प्रणव कान्त झा
०७ दिसंबर, २०१५.
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