मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

मैथिली रचना - ७

ओहिना... किछुओ...
साओन-भादब बीतल हे
सखि आओल जाढ़
पिया सं दूर पियासल रे
मोन बिलमल ठाढ़ि
ठोर भरि मुस्की छारल रे
दृग भरल अखाढ़
धन सुनलहुं पिय अओता हे
धारल नब पाढ़ि
- प्रणव कान्त झा
०७ दिसंबर, २०१५.

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